ओवैसी बोले, ये हिंदू राष्ट्र नहीं है तो हिमंत बिस्वा सरमा ने किया पलटवार, बोले- फिर हिंदुओं की रक्षा... - TECH DUNIYA

Home Top Ad

ओवैसी बोले, ये हिंदू राष्ट्र नहीं है तो हिमंत बिस्वा सरमा ने किया पलटवार, बोले- फिर हिंदुओं की रक्षा...

असम में एनआरसी की अंतिम सूची को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) नेता असदुद्दीन ओवैसी और बीजेपी नेता हिमंत बिस्वा सरमा के बीच बीच ट्वीटर पर तीखी बहस देखने को मिली.
Wife swapping: कारोबारी की पत्नी ने किया ये सनसनीखेज खुलासा, कहा-पति

चौतरफा मुंह की खाने के बाद भी नहीं सुधर रहा पाकिस्तान, अब इन देशों के सामने अलापा कश्मीर का राग

दरअसल, असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने हिमंत बिस्वा सरमा का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि, 'यह खुली स्वीकारोक्ति है कि किस तरह असम एनआरसी का इस्तेमाल मुस्लिमों को बाहर करने के लिए किया गया. पहले इस जटिल प्रक्रिया में बगैर दस्तावेजी सबूतों के लोगों को शामिल करने के बाद अब हिमंत बिस्वा सरमा कह रहे हैं कि किसी भी कीमत पर हिंदुओं की रक्षा की जाएगी.'
बौखलाए PAK ने किया बैलिस्टिक मिसाइल गजनवी का परीक्षण

पाकिस्तान के पूर्व राजदूत ने Retweet की पोर्न स्टार की फोटो, बताया- 'कश्मीरी, जिस पर हुआ हमला...'

ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने आगे लिखा, 'किसी की मान्यता के आधार पर न तो उसे नागरिकता दी जानी चाहिए और न ही वापस ली जानी चाहिए.' ओवैसी के इस ट्वीट पर पलटवार करते हुए सरमा ने लिखा, 'अगर भारत हिंदुओं की रक्षा नहीं करेगा तो कौन करेगा? पाकिस्तान? भारत हमेशा सताए हुए हिंदुओं का घर रहेगा, भले ही आप इसके विरोधी हों सर...' असदुद्दीन ओवैसी और हिमंत बिस्वा सरमा के बीच बातचीत यहीं नहीं रुकी. सरमा के इस ट्वीट के जवाब में ओवैसी ने दोबारा लिखा, 'भारत को सभी भारतीयों की रक्षा करनी चाहिए, न कि सिर्फ हिंदुओं की. जो लोग टू नेशन थ्योरी में विश्वास रखते हैं, वे कभी नहीं समझ सकते हैं कि ये देश किसी एक आस्था या मान्यता से बहुत बड़ा है.
संविधान कहता है कि भारत सभी धर्म और जाति के लोगों को बराबरी का दर्जा देगा. ये हिंदू राष्ट्र नहीं है...और न ही कभी होगा...इंशाअल्लाह.' इसके बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने ओवैसी पर फिर पलटवार करते हुए लिखा, 'सर...भारत एक सभ्यता है, देश नहीं. किसी भी देश का इतिहास संविधान के साथ शुरू होता है, लेकिन सभ्यता का इतिहास तमाम चीजों से शुरू होता है. इंडिया, जो कि भारत है...वह हमेशा एक जीवंत सभ्यता थी और रहेगी. हिंदुओं की बात करें तो इंडिया 5000 सालों से अधिक समय से हमारा घर रहा है.'
 उल्लेखनीय है कि असम में बहुप्रतीक्षित एनआरसी की अंतिम सूची शनिवार को ऑनलाइन जारी कर दी गई. एनआरसी में शामिल होने के लिए 3,30,27,661 लोगों ने आवेदन दिया था. इनमें से 3,11,21,004 लोगों को शामिल किया गया है और 19,06,657 लोगों को बाहर कर दिया गया है.


















............................